महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 का अनुसरण करते हुए इस योजना की शुरुआत की गई है जिसका नाम ” प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (Matri Vandana Yojn)” है. इस योजना की शुरुआत देश के सभी जिलों में 1 जनवरी 2017 से की गई है. योजना का लाभ सिर्फ एक ही बच्चे के लिए लिया जा सकता है. Matri Vandana Yojna योजना के तहत देश के प्रत्येक गर्भवती महिला और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता के रूप में प्रोत्साहन राशी टोटल ₹ 5000 की धनराशि 3 किस्तों में दी जाती है जिसमें से पहली किस्त गर्भधारण करने से लेकर 6 महीने के बीच दी जाती है जो ₹ 1000 होती है. दूसरी किस्त गर्भधारण के 6 महीने होने से लेकर बच्चे के जन्म तक के बीच दी जाती है जो ₹ 2000 होती है और तीसरी किस्त बच्चे के जन्म से लेकर बच्चे के 6 महीने की उम्र होने तक दी जाती है जो ₹ 2000 होती है योजना के अंतर्गत ₹ 1000 और मिलती हैं जो जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आता हैइस प्रकार इस योजना में टोटल ₹ 6000 मिलते हैं
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (Matri Vandana Yojna) के क्या उद्देश्य हैं ?
देश के प्रत्येक गर्भवती महिलाओं को संपूर्ण आहार की पूर्ति, खून की कमी इत्यादि को दूर करने के लिए एक आर्थिक सहायता देना ताकि आर्थिक तंगी के चलते गर्भवती महिला और उसके होने वाले बच्चे को कुपोषण और अन्य बीमारियों से बचाया जा सके








